कुवैत के पावर प्लांट पर ईरान का बड़ा हमला, एक भारतीय की मौत, लेबनान में भी शांति सैनिक हताहत

खबर शेयर करें

कुवैत सिटी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है। कुवैत में ईरान की ओर से हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, रविवार शाम हुए इस हमले में एक बड़े पावर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को निशाना बनाया गया। इस हमले में वहां कार्यरत एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई, जबकि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा।

मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे ईरान की आक्रामक कार्रवाई का हिस्सा बताया है। घटना के तुरंत बाद तकनीकी और इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने हालात को काबू में करने और प्लांट को चालू रखने के लिए काम शुरू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: वीकेंड पर नैनीताल घूमने का बना रहे हैं प्लान, पहले पढ़ लें नया ट्रैफिक रूट प्लान...

सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही भरोसा दिलाया गया है कि बिजली और पानी की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दी जाएगी।

इस बीच लेबनान में भी हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। दक्षिणी लेबनान के अडचित अल-कुसैर क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL के ठिकाने पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  दर्दनाक अग्निकांड, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की झुलसकर मौत

यूएनआईएफआईएल ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए जांच शुरू कर दी है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने तथा शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जानबूझकर शांति सैनिकों को निशाना बनाया गया, तो इसे युद्ध अपराध माना जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  ‘ईरान का तेल लेंगे, जरूरत पड़ी तो खर्ग द्वीप पर कब्जा’, ट्रंप के बयान पर मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

वहीं इज़राइल की सेना IDF ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के कुछ लड़ाकों को मार गिराया, जो हमले की तैयारी कर रहे थे। सेना के मुताबिक, उनके पास विस्फोटक, मोर्टार और एंटी-टैंक मिसाइल जैसे हथियार मौजूद थे।

कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। कुवैत से लेकर लेबनान तक बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि यह संघर्ष अब कई देशों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।

You cannot copy content of this page