ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की दादरी कोतवाली पुलिस ने महज 72 घंटे में अज्ञात शव प्रकरण का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी भी शामिल है, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल हुआ है।
एडीसीपी सुधीर कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 16 फरवरी को कठहैरा रोड स्थित शिव वाटिका कॉलोनी के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। पहचान छिपाने के प्रयास के चलते मामला चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मृतक की पहचान गोविन्द रावल उर्फ भूरा निवासी गांव घोड़ी बछेड़ा, दादरी के रूप में की।
परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर चार विशेष टीमों का गठन किया गया। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर कोट नहर से चक्रसेनपुर मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी की। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में नफीस घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया, जबकि रोहित रावल को मौके से दबोच लिया गया। बाद में साक्ष्यों के आधार पर धर्मेन्द्र और मृतक की पत्नी प्रीति देवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि मृतक गोविन्द अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी बीच पत्नी प्रीति और रोहित के बीच अवैध संबंध बन गए। दोनों ने मिलकर 12 फरवरी 2026 को ‘हग-डे’ के दिन हत्या की साजिश को अंजाम दिया। रोहित ने गोविन्द को बहाने से बुलाया, शराब पिलाई और नशे की हालत में नफीस ने बाके से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को ठिकाने लगाकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाका, एक तमंचा, कारतूस का खोखा और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी रोहित का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसके खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से यह सनसनीखेज हत्याकांड सुलझाया जा सका।
