नैनीताल: हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्टिंग मामले में सुनवाई के लिए 1 मई की तिथि निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
क्या है मामला?
वर्ष 2018 में पत्रकार उमेश कुमार द्वारा दायर याचिका में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत पर नोटबंदी के दौरान झारखंड में एक व्यक्ति को गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनवाने के लिए घूस लेने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा, उन पर सूर्यधार लेक परियोजना, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप भी लगाए गए थे।
याचिका में त्रिवेंद्र सिंह रावत, ओम प्रकाश, पंडित आयुष गौड़, अरविंद कुमार और संजय गुप्ता सहित अन्य लोगों को पक्षकार बनाया गया है। इस प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अमेंडमेंट एप्लीकेशन दाखिल की, जिस पर सरकारी वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, उनके भाई, भतीजे और सहयोगी संजय गुप्ता को कोर्ट ने पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब हाईकोर्ट इस प्रकरण की अगली सुनवाई 1 मई को करेगी।