हल्द्वानी: हल्द्वानी में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। शहर के करीब 80 निजी विद्यालयों के खिलाफ फीस बढ़ोतरी, NCERT की किताबें लागू न करने और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने के आरोप में नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।
मुख्य शिक्षाधिकारी गोविंद जायसवाल ने बताया कि सभी चिन्हित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
शिक्षा विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल बिना अभिभावकों की सहमति के फीस बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि शासन और शिक्षा विभाग की गाइडलाइन का पालन करना सभी निजी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी और अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से फीस और किताबों के मुद्दे को लेकर परेशान थे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि स्कूल प्रशासन नोटिस का क्या जवाब देता है और विभाग आगे क्या कदम उठाता है।
