हल्द्वानी। हल्द्वानी में विभागीय सिस्टम के भीतर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक (डीएलएम) की तहरीर पर मुखानी कोतवाली में पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पर मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को धमकाने और गुमराह करने के गंभीर आरोप हैं।
विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने मुख्यमंत्री के उप सचिव के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर उसका इस्तेमाल प्रभाव जमाने और धोखाधड़ी के लिए किया। इतना ही नहीं, उसने अपने मोबाइल नंबरों को ट्रूकॉलर पर ‘CM Office’, ‘उपसचिव CM’, ‘वन विभाग’, ‘इनकम टैक्स’ और ‘नाबार्ड’ जैसे नामों से सेव कर रखा था, ताकि सामने वाले पर दबाव बनाया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कार्यालय की बायोमेट्रिक मशीन से छेड़छाड़ की। उपस्थिति रिकॉर्ड और अवकाश अवधि में गड़बड़ी पाई गई। इसके अलावा, सूचना का अधिकार (RTI) पोर्टल का पासवर्ड बदलकर उसे लॉक कर दिया, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हुआ।
फर्जीवाड़ा यहीं तक सीमित नहीं रहा। आरोपी पर आरोप है कि उसने जलपान खर्च के नाम पर फर्जी रेस्टोरेंट के बिल बनाकर 4635 रुपये का गबन किया। इसके लिए उसने फर्जी स्टाम्प पेपर तक खरीदा और उसी आधार पर खुद ही शिकायत भी दर्ज कर दी, ताकि मामला उलझाया जा सके।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कर्मचारियों को स्थानांतरण का लालच भी दिया और दूसरे कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल कर अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत तक भेज दी।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरोपी को पहले ही ब्लैकलिस्ट कर विभाग से बाहर किया जा चुका है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह मामला साफ करता है कि किस तरह सिस्टम के भीतर रहकर तकनीक का दुरुपयोग कर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया।
