दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद में AQI ‘गंभीर’, अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी
नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इन दिनों कोहरे, कड़ाके की ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण की तिहरी मार झेल रहा है। सुबह जहां घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर रही हैं, वहीं दिन चढ़ते ही हवा इतनी जहरीली हो जा रही है कि घर से बाहर निकलना भी चुनौती बन गया है। हालात ऐसे हैं कि आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
Severe Cold and Dense Fog Worsen Situation: मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान कोल्ड वेव के साथ सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जो पूर्वाह्न तक बना रहा। नमी का स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंचने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया गया।
17 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। इस दिन मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। वहीं 18 जनवरी को भी तापमान 7 से 23 डिग्री के बीच रह सकता है और कोहरे से राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, AQI 400 के पार
ठंड और कोहरे के बीच प्रदूषण की स्थिति और ज्यादा भयावह बनी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से 400 के पार पहुंच गया है। चांदनी चौक में 374, रोहिणी में 374, पंजाबी बाग में 371, पटपड़गंज में 372, ओखला फेज-2 में 382 और नेहरू नगर में 399 एक्यूआई दर्ज किया गया। आनंद विहार 363, अशोक विहार 367, बवाना 362 और पूसा क्षेत्र में 404 AQI रिकॉर्ड किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
नोएडा-गाजियाबाद भी सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल
नोएडा की बात करें तो सेक्टर-125 में AQI 343, सेक्टर-62 में 331, सेक्टर-1 में 361 और सेक्टर-116 में 359 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के हालात और भी चिंताजनक हैं, जहां लोनी में 405, वसुंधरा में 407, संजय नगर में 331 और इंदिरापुरम में 299 AQI रिकॉर्ड हुआ है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं।
सेहत पर सीधा असर, मरीजों की संख्या में इजाफा
ठंड और प्रदूषण के इस दोहरे प्रहार का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, मास्क का प्रयोग करने और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय अपनाने की सलाह दी है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक एनसीआर के लोगों को कोहरे, ठंड और प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
