एलआईसी कार्यालय अग्निकांड का सनसनीखेज खुलासा
मदुरै। तमिलनाडु के मदुरै स्थित एलआईसी कार्यालय में दिसंबर 2025 में लगी आग को लेकर पुलिस जांच में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस घटना को शुरुआत में हादसा बताया गया था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। तमिलनाडु पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मृतक महिला अधिकारी के ही सहकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है।
LIC Office Fire Case Was a Planned Murder, Not an Accident: पुलिस के अनुसार, इस घटना में जान गंवाने वाली महिला अधिकारी की पहचान 54 वर्षीय कल्याणी नंबी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि एलआईसी में असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद पर तैनात टी राम ने पेट्रोल डालकर कल्याणी नंबी को जिंदा जला दिया था। यह वारदात मदुरै के वेस्ट पेरुमल मैस्ट्री स्ट्रीट स्थित एलआईसी कार्यालय में अंजाम दी गई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट बताया गया था, लेकिन बाद में साक्ष्यों और तकनीकी जांच ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया।
ट्रांसफर के बाद शुरू हुई जांच, खुलने लगीं अनियमितताएं
कल्याणी नंबी हाल ही में तिरुनेलवेली से ट्रांसफर होकर मदुरै आई थीं। पदभार संभालते ही उन्होंने डेथ क्लेम्स के निपटारे में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टी राम के खिलाफ 40 से अधिक डेथ क्लेम्स लंबित थे। इन मामलों को लेकर कल्याणी ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
नौकरी जाने के डर से रची खौफनाक साजिश
पुलिस का कहना है कि इसी डर से आरोपी ने हत्या की योजना बनाई। उसने पहले से पेट्रोल की बोतलें तैयार कर रखी थीं। वारदात के दिन उसने एलआईसी कार्यालय की बिजली सप्लाई काट दी और मुख्य दरवाजे को बाहर से चेन लगाकर बंद कर दिया, ताकि कोई अंदर न आ सके। इसके बाद उसने कल्याणी को उनके केबिन में फंसाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
सबूत मिटाने की कोशिश, खुद को भी जलाने का नाटक
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फाइलें जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। घटना को हादसा दिखाने के लिए उसने खुद को भी आग लगाने का प्रयास किया, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गया। पूछताछ के दौरान उसके बयान लगातार बदलते रहे, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस हिरासत में
तमिलनाडु पुलिस ने 17 जनवरी 2026 को आरोपी टी राम को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल वह अस्पताल में इलाज के साथ पुलिस हिरासत में है। उसके खिलाफ हत्या, सबूत नष्ट करने और पुलिस को गुमराह करने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
