टनकपुर/पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा से सटे सीमांत क्षेत्र में नकली करेंसी के बढ़ते नेटवर्क पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पांचवें आरोपी को टनकपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान वसीम खान (32), निवासी सेवनपुर, थाना सहावर, जिला कासगंज (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उसके पास से 500 रुपये के चार नकली नोट भी बरामद हुए हैं।
इससे पहले पुलिस ने 5 अप्रैल को पिथौरागढ़ जिले के बलुवाकोट से नकली भारतीय मुद्रा के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों के पास से कुल 29 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई थी। पूछताछ में वसीम खान का नाम सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी।
नेपाल भागने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, वसीम खान गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागने की फिराक में था। मुखबिर की सूचना पर टनकपुर स्थित शारदा बैराज के पास से पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।
नकली नोटों का सौदा 18 हजार में 40 हजार का
जांच में सामने आया है कि वसीम खान ही नकली नोटों के इस गिरोह का कड़ी था, जिसने दिल्ली के तीन युवकों को 18 हजार रुपये में 40 हजार के नकली नोट बेचे। नकली नोट खपाने के उद्देश्य से तीनों आरोपी बलुवाकोट पहुंचे और वहां उन्होंने मुनस्यारी निवासी नितिन को भी अपने साथ मिला लिया। सभी चार आरोपी पकड़े गए थे।
दिल्ली से जुड़ा तार, मास्टर सप्लायर पहले से जेल में
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि वसीम खान की दिल्ली में कपड़े की दुकान थी। यहीं उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी जिकउल हसन से हुई, जिसने उसे नकली करेंसी उपलब्ध कराई। हसन ने वसीम को उसकी बहन के निकाह के लिए मदद के बहाने नकली नोट थमाए। पुलिस के मुताबिक, जिकउल हसन को दिल्ली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल जेल में है।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
पिथौरागढ़ के सीओ गोविंद बल्लभ जोशी के अनुसार, “बलुवाकोट में बरामद नकली करेंसी के मामले में यूपी निवासी वसीम खान की गिरफ्तारी अहम है। उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब मुख्य सरगना तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।”
नकली करेंसी के इस खेल में दिल्ली और यूपी के नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की परत-दर-परत जांच में जुटी हैं।