नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मौसम की बेरुखी एक बार फिर लोगों की सांसों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। हवा की दिशा में बदलाव और गति सुस्त पड़ने के चलते शुक्रवार को वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से फिसलकर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई, जो शनिवार को भी कायम रही। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 358 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। आनंद विहार में AQI 425 और चांदनी चौक में 408 दर्ज किया गया, जो राजधानी के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल रहे। विवेक विहार (414), द्वारका सेक्टर-8 (401), आरकेपुरम (392), जहांगीरपुरी (386) और वजीरपुर (383) में भी हवा बेहद खराब स्थिति में रही।
अन्य क्षेत्रों पर नजर डालें तो अलीपुर में 309, अशोक विहार में 369, आया नगर में 338, बवाना में 354, बुराड़ी में 316 और डीटीयू इलाके में 339 AQI रिकॉर्ड किया गया। वहीं आईटीओ में 365, मुंडका में 376, पंजाबी बाग में 373, रोहिणी में 380, सोनिया विहार में 349, नरेला में 343 और नजफगढ़ में 333 AQI दर्ज किया गया। आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 पर 323 और लोधी रोड पर 336 AQI रिकॉर्ड हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए। हालांकि, CPCB के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार तक वायु गुणवत्ता फिर से ‘खराब’ श्रेणी में लौट सकती है, जिससे लोगों को प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सतर्क रहने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और मास्क के इस्तेमाल की सलाह दी है।
