RJD में नेतृत्व परिवर्तन: तेजस्वी यादव बने कार्यकारी अध्यक्ष, लालू यादव ने सौंपी कमान

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पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तेजस्वी प्रसाद यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह महत्वपूर्ण बैठक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

Patna Witnesses Major Political Shift: Tejashwi Yadav Appointed RJD’s Working President:बढ़ती उम्र और लगातार स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए लालू यादव ने संगठन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अपने बेटे तेजस्वी यादव के हाथों में सौंपने का फैसला किया है। इसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और भविष्य की राजनीति की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

ताजपोशी के बीच रोहिणी आचार्य के तेवर, नेतृत्व पर उठे सवाल
तेजस्वी यादव की ताजपोशी जहां एक ओर समर्थकों में उत्साह भर रही है, वहीं पार्टी और परिवार के भीतर उठी असहमति की आवाज़ों ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले लालू यादव की बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर सियासी हलचल तेज कर दी।

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रोहिणी ने अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए, जिससे विपक्ष को हमले का मौका मिल गया। हालांकि, बैठक में मौजूद पार्टी विधायकों और नेताओं का कहना था कि यह बैठक पूरी तरह संगठन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।

चुनावी ‘दगाबाजी’ पर सख्ती, 300 नेताओं पर गिर सकती है गाज
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आरजेडी की यह पहली बड़ी राष्ट्रीय बैठक थी, जिसमें तेजस्वी यादव काफी आक्रामक तेवर में नजर आए। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने चुनावी हार, भितरघात और संगठनात्मक कमजोरियों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तेजस्वी यादव को सौंपी है।

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इस रिपोर्ट के आधार पर चुनाव के दौरान पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले और निष्क्रिय भूमिका निभाने वाले करीब 300 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष, प्रधान महासचिव समेत कई अहम पदों पर बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

100 दिन की चुप्पी टूटी, नीतीश सरकार और बीजेपी पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने पहले यह ऐलान किया था कि नई सरकार के गठन के बाद वे 100 दिनों तक सरकार के कामकाज पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ दी।

शनिवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध बेलगाम हो चुके हैं और सरकार उन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए यह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि तेजस्वी के विदेश से लौटने के बाद अपराध बढ़े हैं।

सत्ता पक्ष का पलटवार, जेडीयू ने कसा तंज
तेजस्वी यादव के हमलों पर सत्ता पक्ष ने भी पलटवार किया है। जेडीयू के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता अपनी 100 दिन चुप रहने की घोषणा भी पूरी नहीं कर सका, वह सरकार और राजनीति पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार खो चुका है। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव का यह रवैया दर्शाता है कि वे अभी भी परिपक्व राजनीतिक नेतृत्व के लिए तैयार नहीं हैं।