लंदन। मिडिल ईस्ट में आतंकी खतरे के दोबारा उभरने की आशंकाओं के बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। दोनों देशों ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत सीरिया के भीतर इस्लामिक स्टेट (आईएस/दाएश) के एक संदिग्ध भूमिगत हथियार डिपो पर हवाई हमला किया है। इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों ने बमबारी कर आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि यह हमला 3 जनवरी की शाम को किया गया और इसमें किसी भी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा है। ऑपरेशन के बाद सभी लड़ाकू विमान सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट आए। मंत्रालय के अनुसार, दाएश 2019 में सैन्य हार के बाद एक बार फिर खुद को संगठित करने की कोशिश कर रहा था, जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी समझी गई।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर पलमायरा से कुछ मील उत्तर पहाड़ी इलाके में स्थित एक भूमिगत ठिकाने की पहचान की गई थी। यह ठिकाना हथियारों और विस्फोटकों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और इसके आसपास कोई नागरिक बस्ती नहीं थी।
संयुक्त ऑपरेशन में रॉयल एयरफोर्स के टाइफून एफजीआर4एस लड़ाकू विमानों ने फ्रांसीसी वायुसेना के साथ मिलकर कार्रवाई की। विमानों ने ठिकाने तक जाने वाली सुरंगों को तबाह करने के लिए पेववे-4 गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया। शुरुआती आकलन में लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किए जाने की पुष्टि की गई है। रक्षा मंत्रालय ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें विमानों को वॉयेजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन लेते हुए देखा जा सकता है।
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह ऑपरेशन दाएश और उसकी खतरनाक विचारधारा के दोबारा उभार को रोकने के लिए ब्रिटेन और उसके सहयोगियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सैन्यकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि छुट्टियों के दौरान भी तैनात रहकर उन्होंने देश की सुरक्षा सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई दिखाती है कि ब्रिटिश सेना सालभर सतर्क रहती है, ताकि देश को अंदर सुरक्षित और विदेशों में मजबूत रखा जा सके। इस संयुक्त सैन्य कदम को मिडिल ईस्ट में आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
