नई दिल्ली: Google ने दुनियाभर के Android यूजर्स के लिए गंभीर सिक्योरिटी चेतावनी जारी की है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि Android 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे स्मार्टफोन्स को अब कोई नया सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलेगा। इसका सीधा मतलब है कि ऐसे डिवाइस अब मालवेयर, स्पायवेयर और साइबर अटैक्स के लिए बेहद असुरक्षित हो चुके हैं। अनुमान के अनुसार, करीब एक अरब Android यूजर्स इस खतरे की जद में आ चुके हैं।
GOOGLE ISSUES MAJOR SECURITY WARNING FOR ANDROID USERS: Google ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन यूजर्स के फोन Android 13 या उससे नए वर्जन में अपडेट नहीं हो सकते, उन्हें डिवाइस बदलने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
Android 12 के साथ थमे सिक्योरिटी पैच
कंपनी की पुष्टि के अनुसार, Android 12 और उससे पुराने वर्जन के लिए सिक्योरिटी पैच पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केवल 57.9 प्रतिशत Android डिवाइस ही Android 13 या उससे ऊपर के वर्जन पर चल रहे हैं, जबकि शेष फोन सिक्योरिटी के मामले में “फ्रीज” हो चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2021 या उससे पहले लॉन्च हुए अधिकांश स्मार्टफोन इस समस्या से प्रभावित हैं, जिनमें अब सामने आने वाली नई कमजोरियों को आधिकारिक रूप से ठीक नहीं किया जाएगा।
Android Fragmentation से बढ़ा जोखिम
Android प्लेटफॉर्म पर अपडेट देने की जिम्मेदारी अलग-अलग स्मार्टफोन कंपनियों पर होती है। Samsung, Xiaomi, Oppo, Vivo और Motorola जैसे ब्रांड आमतौर पर 2–3 साल बाद अपडेट बंद कर देते हैं। इसी वजह से Android Fragmentation की समस्या पैदा होती है, जहां कई पुराने वर्जन लंबे समय तक इस्तेमाल में बने रहते हैं।
इसके मुकाबले Apple अपने iPhone यूजर्स को कई वर्षों तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देता है, जिससे पुराने डिवाइस भी अपेक्षाकृत सुरक्षित रहते हैं।
यूजर्स के लिए क्या है सुरक्षित विकल्प
बिना सिक्योरिटी अपडेट वाले Android फोन हैकिंग, डेटा चोरी और बैंकिंग फ्रॉड के लिए आसान निशाना बन सकते हैं। ऐसे फोन से UPI, बैंकिंग ऐप्स, OTP और निजी डाटा लीक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हालांकि Google Play Protect अब भी Android 7 और उससे ऊपर के वर्जन पर बेसिक सुरक्षा देता है, लेकिन यह सिस्टम-लेवल सिक्योरिटी पैच का विकल्प नहीं है। Google और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि फोन Android 13 या उससे ऊपर अपडेट नहीं हो पा रहा है, तो नया डिवाइस लेना ही सबसे सुरक्षित फैसला होगा।
