नई दिल्ली। अगर आप पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे नियम आपको बड़ी परेशानी में डाल सकते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि पैन और आधार की डिटेल्स में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर आपका पैन ‘इनऑपरेटिव’ हो सकता है।
अब सिर्फ पैन-आधार लिंक होना ही काफी नहीं है, बल्कि दोनों दस्तावेजों में दर्ज जानकारी—खासकर नाम की स्पेलिंग—का पूरी तरह मैच होना जरूरी है। यदि नाम में थोड़ा सा भी अंतर पाया गया, तो सिस्टम उसे असंगत मानकर पैन को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर सकता है।
इसका सीधा असर आपकी रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों पर पड़ेगा। पैन इनऑपरेटिव होने की स्थिति में आप न तो ITR फाइल कर पाएंगे और न ही बड़े बैंकिंग ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इसके अलावा लोन, क्रेडिट कार्ड और निवेश से जुड़े काम भी रुक सकते हैं।
अगर आपके आधार में नाम गलत है, तो इसे UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘अपडेट आधार’ सेक्शन के माध्यम से सुधारा जा सकता है। यहां OTP के जरिए लॉगिन कर नाम अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
वहीं पैन कार्ड में सुधार के लिए NSDL या UTIITSL की वेबसाइट पर ‘पैन करेक्शन’ फॉर्म भरना होगा। सही जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन पूरा किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए। ‘Kumar’ और ‘K.’ जैसे छोटे अंतर भी मान्य नहीं होंगे।
सभी सुधार करने के बाद Income Tax Department की वेबसाइट पर जाकर ‘लिंक आधार स्टेटस’ जरूर चेक करें। अगर लिंकिंग में कोई दिक्कत दिखे, तो तुरंत उसे ठीक कर लें, वरना 1 अप्रैल के बाद आपको वित्तीय कामकाज में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
