काठमांडू: नेपाल की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव हुआ, जब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर देश के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत नियुक्त किया।
शाह ने काठमांडू में आयोजित एक समारोह में दोपहर 12:34 बजे पद और गोपनीयता की शपथ ली। पारंपरिक शंखनाद के साथ हुए इस आयोजन को शुभ शुरुआत का प्रतीक माना गया।
हालिया चुनावों में RSP की बड़ी जीत के बाद शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था। पार्टी ने मजबूत जनसमर्थन हासिल किया और सत्ता में स्पष्ट बढ़त बनाई। अब उनकी अगुवाई में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है, जिसमें करीब 14 मंत्रियों के नाम तय किए जाने की चर्चा है।
राजनीति में शाह का उभार तेजी से हुआ है। 2022 में काठमांडू के मेयर के रूप में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। हालिया चुनाव में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया, जो उनके बढ़ते प्रभाव का संकेत है।
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आने वाले शाह ने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके तकनीकी दृष्टिकोण को विकास और शहरी प्रबंधन में अहम माना जा रहा है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई देते हुए भारत-नेपाल संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई है।
