कोलंबो। श्रीलंका के दक्षिणी तट के समीप समुद्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ईरानी जहाज से आपातकालीन संदेश प्रसारित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर कथित तौर पर पनडुब्बी से हमला किए जाने के बाद 101 लोग लापता हो गए हैं, जबकि 78 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान
आपात संकेत मिलते ही श्रीलंका की नौसेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने युद्धपोत और बचाव दल घटनास्थल की ओर रवाना किए। नौसेना सूत्रों ने पुष्टि की है कि कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 32 घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों की संख्या को लेकर पहले जारी आंकड़ों में संशोधन किया गया है।
विदेश मंत्री का बयान
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि डूबते जहाज से निकाले गए कर्मियों को तट पर लाकर उपचार उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, उन्होंने अभियान की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने आश्वासन दिया कि श्रीलंका इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाएगा।
कई सवाल अब भी अनुत्तरित
- जहाज की आधिकारिक पहचान क्या है?
- उस पर कुल कितने लोग सवार थे?
- कथित पनडुब्बी हमला किसने और क्यों किया?
इन सभी सवालों पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
श्रीलंकाई रक्षा अधिकारियों और ईरानी अधिकारियों की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
