धमतरी। छत्तीसगढ़ पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। धमतरी जिले में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपये के इनामी नौ नक्सलियों ने हथियार डालकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 7 महिला नक्सली शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण सफलता की जानकारी रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमरेश मिश्रा ने दी।
Major Breakthrough in Anti-Naxal Operations: आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली ओडिशा माओवादी कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन में सक्रिय थे। ये नक्सली ओडिशा और धमतरी सीमा क्षेत्र में लंबे समय से गतिविधियां चला रहे थे और नगरी व सीतानदी एरिया कमेटियों के साथ-साथ मैनपुर लोकल गुरिल्ला स्क्वाड से जुड़े हुए थे। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन और पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते ये नक्सली बैकफुट पर आ गए थे।
खोखली विचारधारा और जंगल के कठिन जीवन से थे परेशान
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि वे माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा और जंगलों में बिताए जा रहे अत्यंत कठिन जीवन से तंग आ चुके थे। लगातार डर, असुरक्षा और हिंसा के माहौल ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। इसी कारण उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
सरकार की पुनर्वास नीति बनी प्रेरणा
नक्सलियों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने उन्हें काफी प्रभावित किया। सरकार द्वारा दी जा रही सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास के भरोसे ने उन्हें नया जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन नक्सलियों पर था लाखों का इनाम
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी (28) और डिविजनल कमेटी मेंबर उषा उर्फ बालम्मा (45) शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इसके अलावा रामदास मरकाम (30), रोनी उर्फ उमा (25), निरंजन उर्फ पोडिया (25), सिंधु उर्फ सोमादी (25), रीना उर्फ चिरो (25) और अमिला उर्फ सन्नी (25) पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। वहीं लक्ष्मी पुनेम (18) पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मिलेगी और मजबूती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण से नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और इससे क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में मदद मिलेगी। आने वाले समय में पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियान को और तेज किया जाएगा।
