वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के नेतृत्व में चल रही पहल की खुलकर सराहना की है। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह प्रक्रिया बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और जल्द ही वेनेजुएला से तेल निर्यात दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने इसे वाशिंगटन के समर्थन से तैयार की गई एक प्रभावी व्यवस्था बताया।
Oil Export Revival Plan: ट्रंप ने कहा कि दुनिया के कई देश जल्द ही वेनेजुएला का तेल लेना शुरू करेंगे और इस पूरी पहल में अमेरिका नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “हम दुनिया के देशों को आमंत्रित कर रहे हैं। वे तेल लेना शुरू करने जा रहे हैं। हम इस पूरी योजना का नेतृत्व करेंगे और अब तक यह बहुत अच्छी तरह काम कर रही है।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से देश इसमें शामिल होंगे, तेल की कीमत क्या तय होगी या निर्यात की शुरुआत कब से होगी।
ट्रंप की यह टिप्पणी उस व्यापक बैठक का हिस्सा थी, जिसमें ईरान, यूक्रेन और अमेरिका की घरेलू नीतियों जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने वेनेजुएला को लेकर अपने प्रयासों को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता करार दिया और भरोसा जताया कि इससे वहां के हालात में सुधार होगा।
गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों में से एक है, लेकिन पिछले एक दशक में आर्थिक संकट, कमजोर बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते तेल उत्पादन में भारी गिरावट आई है।
इस बीच अमेरिका में इस मुद्दे पर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। हाउस ओवरसाइट और गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों ने शुक्रवार को तेल व्यापार करने वाली कंपनियों विटोल और ट्रैफिगुरा से जवाब तलब किया है। कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद और कैलिफोर्निया से प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने एक पत्र के जरिए इन कंपनियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गार्सिया ने दावा किया कि वेनेजुएला के एक शुरुआती तेल सौदे, जिसकी कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर बताई जा रही है, से इन कंपनियों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार विटोल के वरिष्ठ ट्रेडर जॉन एडिसन ने पहले ट्रंप के चुनावी अभियान को लगभग 6 मिलियन डॉलर का चंदा दिया था, जिससे संभावित हितों के टकराव की आशंका पैदा होती है।
अपने पत्र में गार्सिया ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के तेल से जुड़े संदिग्ध कारोबारी सौदों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य कार्रवाई की बात कही थी और बाद में वेनेजुएला के तेल उद्योग व उसकी आय पर नियंत्रण की मंशा साफ की। कमेटी अब यह जांच करना चाहती है कि क्या तेल कंपनियों को किसी सैन्य कार्रवाई की पहले से जानकारी थी और तेल से होने वाली कमाई को किस तरह मैनेज किया जा रहा है।
