देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रदेश में अवस्थापना और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹397.39 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार के इस फैसले को राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Big Relief for State Agitators: Pension Hike Approved, ₹397.39 Crore Sanctioned for Development Projects: मुख्यमंत्री के अनुमोदन के अनुसार उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं आंदोलन के दौरान पूर्ण रूप से विकलांग होकर शय्याग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह कर दी गई है।
इसी प्रकार राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह तथा अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4500 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। इस निर्णय से सैकड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹397.39 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। जनपद चमोली के विकासखंड नंदानगर में पार्किंग निर्माण के लिए ₹3.20 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
राज्य आपदा मोचन निधि से अहेतुक सहायता, गृह अनुदान, मानसून के दौरान मार्गों को सुचारू करने, मलबा सफाई, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के लिए ₹92.50 करोड़ अवमुक्त किए जाने को मंजूरी दी गई है।
पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत नगर पंचायत चमियाला में सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम और एलईडी लाइट स्थापना के लिए ₹3.07 करोड़ तथा समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ त्रैमासिक किश्त के रूप में ₹79.09 करोड़ जारी करने का अनुमोदन किया गया है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत अध्ययनरत एवं नवीन प्रवेशित बच्चों की प्रतिपूर्ति हेतु ₹178 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। वहीं हरिद्वार सर कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सतीकुंड पुनर्विकास योजना के लिए ₹10 करोड़ तथा अल्मोड़ा में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक निर्माण के लिए ₹1.53 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार के इन निर्णयों को राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और प्रदेश में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
