Uttarakhand: बेसहारा पशुओं के लिए सरकार की बड़ी पहल, अब सांड पालने पर मिलेंगे 80 रुपये प्रतिदिन

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पिथौरागढ़। सड़क, बाजार और खेतों में घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में दो नई योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत अब जो लोग निराश्रित पशुओं को आश्रय देंगे, उन्हें पशुपालन विभाग की ओर से आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। खास तौर पर एक सांड या बैल को पालने पर लाभार्थी को प्रतिदिन 80 रुपये दिए जाएंगे।

Government Launches New Schemes for Stray Cattle Management: पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में इन योजनाओं के अंतर्गत फिलहाल 225 बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में सुरक्षित रखा गया है। पशुओं की सेवा और देखभाल करने वाले लोगों को अब तक इस मद में करीब 18 हजार रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि योजनाओं का उद्देश्य केवल पशुओं को आश्रय देना ही नहीं, बल्कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को भी रोकना है।

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ग्राम गो सेवक योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अधिकतम पांच निराश्रित नर पशुओं (सांड या बैल) को अपने पास रख सकता है। इसके बदले प्रति पशु 80 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार पांच पशुओं को रखने पर लाभार्थी को प्रतिदिन 400 रुपये तक की सहायता मिलेगी। इसके साथ ही पशुओं के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में पिथौरागढ़ जिले से छह लोग इस योजना से जुड़े हुए हैं।

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इसके अलावा दूसरी योजना गोशाला योजना के रूप में लागू की गई है। इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी गोशाला में इच्छानुसार संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकता है। विभाग की ओर से प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान किया जाएगा। फिलहाल मुनस्यारी और पिथौरागढ़ के बड़ावे क्षेत्र में दो गोशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां कुल 225 बेसहारा पशुओं को आश्रय, भोजन और देखभाल की सुविधा दी जा रही है।

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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि इन योजनाओं से एक ओर जहां निराश्रित पशुओं को सुरक्षित संरक्षण मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में बेसहारा पशुओं की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।