BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में हो सकता है बड़ा बदलाव, ए प्लस ग्रेड पर मंडराया खतरा

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भारत की पुरुष क्रिकेट टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। बोर्ड अपनी आगामी एपेक्स काउंसिल की बैठक में चयन समिति के उन प्रस्तावों पर चर्चा करेगा, जिनसे मौजूदा ग्रेडिंग सिस्टम में व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। यह प्रस्ताव अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने तैयार किए हैं।

Possible Changes in Central Contract Policy: बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पांच सदस्यीय चयन समिति ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फॉर्मेट सहभागिता और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम सुझाव दिए हैं। हालांकि, ये प्रस्ताव अभी तक औपचारिक रूप से बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि आगामी एपेक्स काउंसिल बैठक में इन्हें पहली बार रखा जाएगा, जहां इन पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। बैठक की तारीख का ऐलान जल्द किए जाने की संभावना है।

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ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव पर मंथन

सूत्रों का कहना है कि बैठक में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की मौजूदा ग्रेडिंग व्यवस्था (ए प्लस, ए, बी और सी) को लेकर गंभीर चर्चा होगी। चयन समिति का मानना है कि मौजूदा सिस्टम में कुछ ऐसे बदलाव जरूरी हैं, जिससे खिलाड़ियों की तीनों फॉर्मेट में भूमिका और निरंतरता को अधिक संतुलित तरीके से आंका जा सके।

ए प्लस ग्रेड पर संकट के बादल

बीसीसीआई के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि ग्रेड ए प्लस को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा। हालांकि, बोर्ड सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी तरह के वित्तीय या संरचनात्मक बदलाव को तभी लागू किया जाएगा, जब एपेक्स काउंसिल से औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी।

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मौजूदा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ढांचा

वर्तमान में भारतीय पुरुष क्रिकेटरों को चार श्रेणियों में वार्षिक रिटेनर दिया जाता है—

  • ग्रेड ए प्लस: 7 करोड़ रुपये
  • ग्रेड ए: 5 करोड़ रुपये
  • ग्रेड बी: 3 करोड़ रुपये
  • ग्रेड सी: 1 करोड़ रुपये
    (मैच फीस इन रिटेनर राशियों के अतिरिक्त होती है)

सीनियर सितारों की स्थिति पर सवाल

फिलहाल रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ए प्लस कैटेगरी में शामिल हैं। लेकिन यदि ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव होता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि केवल वनडे खेलने वाले रोहित और कोहली, और टेस्ट व वनडे खेलने वाले जडेजा, शीर्ष श्रेणी में बने रहेंगे या नहीं।

ग्रेड ए और बी में मजबूत नाम

21 अप्रैल 2025 को घोषित 2024–25 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट के अनुसार, ग्रेड ए में मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल (वर्तमान टेस्ट और वनडे कप्तान), हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत शामिल थे। वहीं ग्रेड बी में टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर को जगह दी गई थी।

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ग्रेड सी में युवा चेहरों की भरमार

ग्रेड सी में कई उभरते और युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल और सरफराज खान समेत कुल 20 खिलाड़ी शामिल हैं।

एपेक्स काउंसिल के फैसले पर टिकी निगाहें

अब क्रिकेट जगत की नजरें बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल की बैठक पर टिकी हैं। यदि चयन समिति के प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो भारतीय क्रिकेट के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर सीधे तौर पर टीम इंडिया के मौजूदा सितारों और उभरते खिलाड़ियों दोनों पर पड़ेगा।