नई दिल्ली: यूपी के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल द्वारा की गई इस निर्मम हत्या ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें फांसी की सजा मिलेगी, उम्रकैद होगी, या फिर कानूनी दांवपेच में वे जमानत पर छूट सकते हैं? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए आईएएनएस ने सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज कुमार से बात की।
मुस्कान मुख्य आरोपी, साहिल सह-आरोपी
वकील नीरज कुमार ने बताया कि मुस्कान इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है, जबकि साहिल सह-आरोपी है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुस्कान की सौतेली मां के खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, जो इस केस में एक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस हत्या का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस केस में पुलिस की जांच और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट ही सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी। खासतौर पर उस ड्रम की जांच, जिसमें सौरभ का शव सीमेंट से पैक किया गया था, केस के नतीजे को प्रभावित करेगी।
क्या मुस्कान और साहिल को जमानत मिलेगी?
नीरज कुमार का कहना है कि यह केस ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ श्रेणी में आता है, इसलिए दोनों आरोपियों को जमानत मिलना नामुमकिन है। जब तक ट्रायल पूरा नहीं होता, तब तक मुस्कान और साहिल जेल में ही रहेंगे।
फांसी की सजा होगी या उम्रकैद?
वकील के मुताबिक, इस मामले में फांसी की सजा मिलने की संभावना कम है। उन्होंने कहा, “भारत में अब तक किसी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई है।” हालांकि, उम्रकैद की सजा मिलने की संभावना अधिक है, लेकिन यह पूरी तरह से जांच और सबूतों पर निर्भर करेगा।
एफएसएल रिपोर्ट करेगी केस का फैसला
हत्या की क्रूरता और साजिश को देखते हुए दोनों आरोपियों को कड़ी सजा मिल सकती है। लेकिन चूंकि कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है, इसलिए एफएसएल रिपोर्ट और पुलिस की जांच ही केस का फैसला करेगी। अब देखना यह होगा कि न्यायपालिका इस निर्मम हत्याकांड पर क्या फैसला सुनाती है – क्या मुस्कान और साहिल को ताउम्र जेल में रहना होगा, या वे किसी कानूनी दांवपेंच से बच निकलेंगे?