चौखुटिया में फूटा जनाक्रोश: ‘बोल पहाड़ी, हल्ला बोल’ के नारों से सरकार को चेतावनी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उठी जोरदार मांग

खबर शेयर करें

अल्मोड़ा। विकासखंड चौखुटिया में शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी उपेक्षा के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई। ‘बोल पहाड़ी, हल्ला बोल’ के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विशाल रैली ने साफ कर दिया कि अब चौखुटिया की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

जनाक्रोश रैली की सबसे बड़ी ताकत रहीं सैकड़ों की संख्या में जुटी महिलाएं, जिन्होंने काले झंडे लहराकर सरकार को दो टूक संदेश दिया कि उपजिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी, विशेषज्ञों का अभाव, प्रसव और आपातकाल में बढ़ती दिक्कतें अब कतई स्वीकार नहीं होंगी। युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने भी एकजुट होकर सरकार की नीयत और नीति पर सवाल उठाए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कैमिकल फैक्टरी में भीषण आग, राहत-बचाव कार्य जारी, एक कर्मी झुलसा

स्थानीय लोगों ने उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, जांच सुविधाओं में बढ़ोतरी, उपकरणों की कमी दूर करने, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ना स्वयं सरकार की उदासीनता को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: सचिवालय में जमे अफसरों पर गिरी गाज, 31 जुलाई तक होंगे तबादले

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ अब एक सशक्त जनआंदोलन में बदल चुका है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: पिटकुल कर्मचारियों को दिवाली से पहले दोहरी सौगात, तीन प्रतिशत डीए वृद्धि के साथ मिला बोनस का लाभ

रैली शांतिपूर्ण और पूरी तरह अनुशासित रही। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि कोतवाल अशोक कुमार ने स्वयं व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर भगवत सिंह, जीवन सिंह नेगी, चंदन सिंह ठाकुर, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, हेमा कठायत, विभिन्न ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, कांता रावत, मनीष कंडारी, गजेंद्र नेगी व राम देवी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।