आग की घटनाओं से भयभीत 12 सदस्यीय परिवार घर छोड़ सड़क किनारे रहने को मजबूर
गयाजी। बिहार के गयाजी जिले के शेरघाटी प्रखंड अंतर्गत कुशा गांव में बीते एक सप्ताह से हो रही रहस्यमयी आग लगने की घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। गांव निवासी लखन मिस्त्री के घर में रखे कंबल, बिछावन, कपड़े, खटिया और अनाज बार-बार आग की चपेट में आ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि भयभीत परिवार को अपना घर छोड़कर सड़क किनारे शरण लेनी पड़ी है।
Mysterious Fire Incidents Create Panic in Kusha Village: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आग उन स्थानों पर भी लग रही है, जहां न तो बिजली का कोई कनेक्शन है और न ही किसी तरह का स्पष्ट कारण सामने आ रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से लखन मिस्त्री का पूरा 12 सदस्यीय परिवार, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल हैं, मानसिक रूप से टूट चुका है और कड़ाके की ठंड में सड़क किनारे रातें बिताने को मजबूर है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि 28 दिसंबर 2025 को एक भूखा बुजुर्ग उनके घर भोजन मांगने आया था। परिवार की बहु सुलेखा देवी ने उसे पका हुआ चावल और पानी दिया, लेकिन रोटी न मिलने पर वह नाराज हो गया और जाते-जाते आग लगाने की धमकी देकर चला गया। परिवार का दावा है कि उसी घटना के बाद से घर में लगातार रहस्यमयी तरीके से आग लगने की घटनाएं शुरू हो गईं।
घटना को लेकर पूरे गांव में भय और कौतूहल का माहौल बना हुआ है। कुछ ग्रामीण इसे तंत्र-मंत्र या ओझा-गुनी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे किसी साजिश की आशंका मान रहे हैं। आग की घटनाओं का कोई ठोस कारण सामने न आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
पूर्व कचौड़ी पंचायत मुखिया संतोष कुमार गुप्ता ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पीड़ित परिवार को भोजन, पेयजल और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराए जाने की आवश्यकता भी जताई है।
फिलहाल लखन मिस्त्री का परिवार खुले आसमान के नीचे ठंड से जूझ रहा है और उनकी नजरें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों की मांग है कि रहस्यमयी आग की घटनाओं की सच्चाई जल्द सामने लाई जाए, ताकि इलाके में फैले डर का माहौल खत्म हो सके।
