नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जातिगत भेदभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। नागपुर में सेंट्रल इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के दीक्षांत समारोह में पहुंचे गडकरी ने साफ कहा कि वह जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करते, चाहे इसके चलते उन्हें वोट मिले या न मिले।
गडकरी ने कहा, “किसी व्यक्ति का मूल्य उसकी जाति, धर्म, भाषा या लिंग से नहीं, बल्कि उसके गुणों से तय होना चाहिए।” उन्होंने याद किया कि राजनीति में अक्सर लोग जातिगत पहचान के आधार पर उनसे संपर्क करते हैं, लेकिन वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते।
‘जो करेगा जाति की बात, उसके कस के मारूंगा लात’
गडकरी ने अपनी बेबाक शैली में कहा कि “बहुत से लोग जाति के आधार पर मुझसे मिलने आते हैं। मैंने ऐसे 50,000 लोगों से कह दिया कि जो करेगा जाति की बात, उसके कस के मारूंगा लात।”
उनका यह बयान सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। गडकरी पहले भी जातिवाद और राजनीतिक अवसरवाद पर खुलकर अपनी राय रख चुके हैं।