कानपुर। कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट ने स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोल दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिन तीन निजी अस्पतालों के नाम इस मामले में आए हैं, उनमें से एक के पास रजिस्ट्रेशन तक नहीं था और पूरा अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा था। यह जानकारी तब सामने आई जब पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर छापा मारकर निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस मामले में 50 से ज्यादा अस्पताल रडार पर हैं, जहां जांच जारी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम देर रात तक छापेमारी और दस्तावेजों की पड़ताल करती रही। अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट में कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनसे पूछताछ की जा सकती है। खासतौर पर नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट सर्जन पर फोकस किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लखनऊ, मुंबई और दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए जाते थे। पूरी टीम में सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, एनेस्थेसिस्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल होते थे, जिससे यह एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका मजबूत होती है।
इस रैकेट का सबसे चौंकाने वाला पहलू पैसे का खेल है। उत्तराखंड के एक युवक से करीब 10 लाख रुपये में किडनी खरीदने का सौदा किया गया, जबकि उसी किडनी को एक महिला मरीज को 90 लाख रुपये से अधिक में बेच दिया गया। आरोप है कि दलाल ने डोनर को पूरी रकम भी नहीं दी और इसी शिकायत के बाद मामला खुला।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दलाल, अस्पताल संचालक और डॉक्टर दंपती समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया है। जिन अस्पतालों पर छापेमारी हुई, उनमें प्रिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, आहूजा हॉस्पिटल और मेडलाइफ हॉस्पिटल शामिल हैं। इन अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और भर्ती मरीजों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई जब एक बंद पड़े अस्पताल में किडनी डोनर भर्ती मिला। पुलिस को मौके से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। किडनी रैकेट के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और कई अस्पतालों ने खुद को बंद जैसा दिखाने के लिए लाइटें तक बंद कर दीं।
गौरतलब है कि करीब दो दशक पहले भी शहर में किडनी खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया था, जिसकी जांच सीबीसीआईडी ने की थी। उस केस में भी बड़े सर्जन का नाम जुड़ा था।
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
