ईरान-अमेरिका टकराव तेज: F-35 लड़ाकू विमान गिराने का दावा, अमेरिका ने बताया ‘फर्जी’

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तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच अब केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि दावों और जवाबी दावों का ‘सूचना युद्ध’ भी तेज हो गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसकी सेना ने एक और अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मध्य ईरान के आसमान में इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को निशाना बनाया। एजेंसी ने कथित तौर पर मलबे की तस्वीरें भी जारी की हैं और दावा किया है कि यह विमान अमेरिका के लेकनहीथ स्क्वाड्रन से जुड़ा था। रिपोर्ट में पायलट के बचने की संभावना भी बेहद कम बताई गई है।

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ईरान ने यह भी कहा है कि पिछले 24 घंटों में यह दूसरा F-35 है जिसे उसने गिराया है। इससे पहले 23 मार्च और 2 अप्रैल को भी ऐसे ही दावे किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ताकत को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।

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हालांकि, सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसके सभी लड़ाकू विमान पूरी तरह सुरक्षित हैं और ईरान पहले भी कई बार ऐसे भ्रामक दावे कर चुका है। अमेरिका के मुताबिक, ईरान द्वारा जारी की गई तस्वीरें और वीडियो वास्तविकता से मेल नहीं खाते।

अमेरिका ने 23 मार्च की घटना को लेकर स्पष्ट किया कि उसका एक F-35 तकनीकी कारणों से मिशन के बाद सुरक्षित बेस पर उतरा था, जबकि 2 अप्रैल के दावे को भी पूरी तरह झूठ बताया गया। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच जमीनी हकीकत से ज्यादा ‘नैरेटिव की लड़ाई’ चल रही है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी से शुरू हुआ यह तनाव अब खतरनाक मोड़ ले रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है।

फिलहाल, दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी और सैन्य दावे वैश्विक चिंता का विषय बन चुके हैं, और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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