बगदाद। इराक की राजधानी बगदाद के अति सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन जोन इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को बड़ा ड्रोन हमला हुआ। दो विस्फोटक से लैस ड्रोन दूतावास परिसर के भीतर गिरकर फट गए, जिससे वहां भीषण आग लग गई और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के बाद दूतावास परिसर से उठता धुआं दूर तक दिखाई दिया। हमले के दौरान पूरे परिसर में सायरन गूंजने लगे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली इन ड्रोन को रोकने में नाकाम रही। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ड्रोन सुरक्षा घेरे को भेदते हुए सीधे परिसर के अंदर जाकर गिरे और विस्फोट हो गया।
हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दूतावास की इमारतों और अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
एक ही रात में कई हमलों से बढ़ी चिंता
सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम से लेकर मंगलवार तड़के तक दूतावास को कई बार निशाना बनाया गया। सामने आए वीडियो फुटेज में देखा गया कि एक ड्रोन बेहद नजदीक आकर फटा, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि हमलावरों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी।
ग्रीन जोन की सुरक्षा पर सवाल
बगदाद का ग्रीन जोन इलाका इराक का सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जहां सरकारी इमारतें, संसद और कई विदेशी दूतावास स्थित हैं। इसके बावजूद इस तरह का हमला होना सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में यह इलाका कई बार रॉकेट और मोर्टार हमलों का भी शिकार हो चुका है।
तेल क्षेत्र भी निशाने पर
इसी बीच इराक के दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून तेल क्षेत्र पर भी ड्रोन हमला किया गया। इराक के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता साहिब बाजून के अनुसार, एक ड्रोन टेलीकॉम टावर से टकराया, जबकि दूसरा वहां काम कर रही एक अमेरिकी कंपनी के कार्यालयों के पास गिरा। हालांकि, इस हमले में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
अनबार में अलग हमले का दावा
दूसरी ओर, लोकप्रिय लामबंदी बल (PMF) ने दावा किया है कि पश्चिमी अनबार प्रांत में हुए एक कथित इजरायली हमले में उसके 6 सदस्य मारे गए और 4 अन्य घायल हुए हैं। संगठन के अनुसार, यह हमला सीरिया सीमा के पास अल-कायम शहर में स्थित एक चेकपोस्ट पर किया गया।
बढ़ते तनाव के संकेत
लगातार हो रहे ड्रोन हमले और सैन्य गतिविधियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका को और बढ़ा सकती हैं।
फिलहाल, हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
