उत्तराखंड: नवरात्र में हो सकता है कैबिनेट विस्तार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर भी जल्द मुहर

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देहरादून। उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली दौरे के बाद इन अटकलों को और बल मिला है कि नवरात्र के दौरान प्रदेश में बड़े राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद कैबिनेट में फेरबदल और नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है।

कैबिनेट विस्तार की बढ़ी संभावनाएं

वर्तमान में प्रदेश मंत्रिमंडल में कुल 12 में से 5 मंत्री पद खाली हैं, जिनमें से एक वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ है। मुख्यमंत्री धामी के पास फिलहाल 50 से अधिक विभागों का प्रभार है, जिससे मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। माना जा रहा है कि नवरात्र के दौरान सरकार नए मंत्रियों को शपथ दिला सकती है।

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प्रदेश अध्यक्ष की रेस में कई दावेदार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी कई नामों की चर्चा जोरों पर है। मौजूदा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं, हालांकि वे हाल ही में अपने बयानों और विवादों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, पूर्व मंत्री खजानदास, वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली, आशा नौटियाल और दीप्ति रावत भारद्वाज के नाम भी चर्चा में हैं।

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आरएसएस की बैठक के बाद होगा अंतिम फैसला

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व इस मसले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बेंगलुरु में 21 से 23 मार्च तक होने वाली प्रतिनिधि सभा के बाद अंतिम निर्णय लेगा। माना जा रहा है कि 23 मार्च को धामी सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर शीर्ष नेतृत्व से अंतिम चर्चा करेंगे।

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चुनावी रणनीति को साधने की कोशिश

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए भाजपा यह बदलाव कर सकती है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन और सरकार में सामंजस्य बनाकर अगले चुनावों में मजबूती के साथ उतरा जाए। ऐसे में नवरात्र में भाजपा की ओर से प्रदेश में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया जा सकता है।