बजट 2026: सरकार का ऐलान…टैक्सपेयर्स को अपराधी नहीं, साझेदार की तरह देखा जाएगा

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में पेश बजट 2026 में इनकम टैक्स व्यवस्था को लेकर बड़े और दूरगामी सुधारों का ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब करदाताओं को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा। बजट का मकसद देश में भरोसा आधारित टैक्स सिस्टम (Trust-Based Tax Regime) विकसित करना है, जिससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिले और अनुपालन सरल बने।

New Income Tax Act to Replace Punishment with Penalty: वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत यदि किसी करदाता की आय में कोई त्रुटि पाई जाती है या अनजाने में टैक्स छिपाया जाता है, तो अब सजा की जगह केवल जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी गलतियों के लिए आपराधिक कार्रवाई की बजाय आर्थिक दंड अधिक व्यावहारिक और न्यायसंगत है।

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विदेशी संपत्ति छिपाने वालों को 6 महीने की मोहलत
बजट में एक अहम राहत देते हुए सरकार ने विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों को अपनी गलती सुधारने का मौका दिया है। ऐसे करदाताओं को 6 महीने का विशेष समय मिलेगा, जिसके तहत वे एक विशेष प्रकटीकरण योजना के माध्यम से अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी जटिलताओं से बच सकते हैं।

छोटे अपराधों पर केवल जुर्माना, जेल की अवधि घटी
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि छोटे कर अपराधों पर अब केवल जुर्माना लगेगा। अन्य मामलों को अपराध की गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अधिकतम कारावास की अवधि को घटाकर दो वर्ष कर दिया गया है और न्यायालयों को यह अधिकार दिया गया है कि वे कारावास को भी जुर्माने में परिवर्तित कर सकें।”

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अपील के दौरान जुर्माने पर नहीं लगेगा ब्याज
करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने यह भी ऐलान किया कि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील लंबित रहने की अवधि के दौरान जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील का परिणाम कुछ भी हो। इसके साथ ही अग्रिम भुगतान की अनिवार्य राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसकी गणना केवल मूल कर मांग पर ही होगी।

आईटीआर में गलती सुधारना होगा आसान
बजट 2026 में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वालों को भी बड़ी राहत दी गई है। अब आईटीआर में हुई गलती को सुधारने के लिए करदाताओं को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। मामूली शुल्क के साथ डिले और अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की सुविधा दी जाएगी, जिससे अनावश्यक नोटिस और विवाद कम होंगे।

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प्रॉपर्टी खरीद में आसान हुआ टीडीएस नियम
सरकार ने प्रॉपर्टी खरीद से जुड़े नियमों को भी सरल कर दिया है। अब यदि कोई व्यक्ति एनआरआई से घर या जमीन खरीदता है, तो उसे पहले की तरह टैन नंबर की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। बिना टैन के भी टीडीएस कट सकेगा। वहीं, छोटे करदाताओं को निल टीडीएस के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, क्योंकि पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और डिजिटल कर दी गई है।

ईमानदार करदाताओं के लिए राहत भरा बजट
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 के ये इनकम टैक्स सुधार ईमानदार करदाताओं का भरोसा बढ़ाएंगे, विवाद कम करेंगे और टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, सरल और मानवीय बनाएंगे।