बजट 2026 में टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव: भारत बनेगा ग्लोबल AI और डेटा हब, विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट

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डिजिटल सेक्टर को विकास का इंजन मानकर सरकार का मेगा प्लान

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर को देश के विकास का सबसे मजबूत इंजन बताया। सरकार ने भारत को ग्लोबल डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में स्थापित करने के लिए एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है। इसके तहत विदेशी क्लाउड और टेक कंपनियों को साल 2047 तक टैक्स में भारी छूट देने की घोषणा की गई है। सरकार का लक्ष्य दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों को भारत में निवेश और संचालन के लिए आकर्षित करना है।

Tax Incentives Linked to Data Centres in India: सरकार ने साफ किया है कि टैक्स छूट का लाभ उन्हीं विदेशी कंपनियों को मिलेगा, जो भारत में स्थापित डेटा सेंटर्स का उपयोग करेंगी। ये कंपनियां भारत से ही वैश्विक ग्राहकों को अपनी क्लाउड और डिजिटल सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।

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इसके अलावा, यदि कोई विदेशी कंपनी भारतीय ग्राहकों को भारतीय रीसेलर (Reseller) के माध्यम से सेवाएं देती है, तो उसे भी इस टैक्स छूट के दायरे में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से भारत में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स स्थापित होंगे और विदेशी निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

डेटा सेंटर्स से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
बजट प्रस्तावों के अनुसार, इस नीति से न केवल भारत की एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग क्षमताएं मजबूत होंगी, बल्कि टेक सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। डेटा सेंटर्स के विस्तार से इंजीनियरिंग, आईटी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सर्विसेज से जुड़े युवाओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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यूजर्स को मिलेगा तेज इंटरनेट, लेकिन सस्ती सेवाओं में लगेगा समय
इस फैसले का आम उपभोक्ताओं पर असर धीरे-धीरे दिखेगा। टेक विशेषज्ञों के मुताबिक, जब कंपनियां भारत में मौजूद डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करेंगी, तो डेटा प्रोसेसिंग का समय घटेगा, जिससे ऐप्स और वेबसाइट्स की स्पीड बेहतर होगी।

इसका सबसे ज्यादा लाभ वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और क्लाउड-आधारित सेवाओं के उपयोगकर्ताओं को मिलेगा। हालांकि, सेवाओं के तुरंत सस्ता होने की संभावना कम है। ऑपरेशनल लागत घटने के बावजूद कंपनियों को इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने में समय लग सकता है।

AI और 5G से बदलेगी सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। देश में डेटा स्टोरेज और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ने से AI टूल्स और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि एआई का उपयोग केवल कॉर्पोरेट सेक्टर तक सीमित न रहे, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं में भी इसका व्यापक इस्तेमाल हो। देश के भीतर ही डेटा स्टोर होने से नियमों का अनुपालन आसान होगा और डेटा सुरक्षा के साथ सरकारी निगरानी भी मजबूत होगी।

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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और 5G को मिलेगा नया बूस्ट
इसके साथ ही बजट 2026 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े पैमाने पर आवंटन किया गया है। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत होगी और 5G नेटवर्क के विस्तार को गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।