देहरादून। Central Bureau of Investigation (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने देहरादून में तैनात वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई गुरुवार देर रात दून के सालावाला स्थित उनके आवास पर की गई।
सीबीआई ने आरोपी अधिकारी को कोर्ट में पेश कर दो दिन की कस्टडी रिमांड प्राप्त की है। साथ ही उसकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आय से अधिक संपत्ति का मामला तो नहीं है।
टैक्स अधिवक्ता की शिकायत पर बिछाया जाल
रुड़की निवासी टैक्स अधिवक्ता प्रभात कुमार अग्रवाल ने सीबीआइ को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह हरिद्वार स्थित प्लाईवुड इकाई बीएस इंडस्ट्री का टैक्स संबंधी कार्य देखते हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के देहरादून कार्यालय से प्रत्येक वर्ष कंपनियों का डाटा एकत्रित कर वार्षिक रिटर्न दाखिल कराया जाता है। आरोप है कि वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार पिछले कुछ समय से वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के एवज में 5000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
मोबाइल पर मांगे रुपये, फिर नकद लेने बुलाया
शिकायत के अनुसार 24 फरवरी को संजय कुमार ने मोबाइल कॉल कर एक नंबर भेजा और उस पर 5000 रुपये तत्काल ट्रांसफर करने को कहा। रकम ट्रांसफर न होने पर 25 फरवरी की सुबह दोबारा दबाव बनाया गया।
इसके बाद अधिवक्ता ने नकद राशि देने की बात कही और इसकी सूचना सीबीआई को दे दी। योजना के तहत सीबीआई टीम ने जाल बिछाया और गुरुवार देर रात आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और आवश्यक दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
