पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्र में बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की कई नौकाओं को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें (नैवल माइन) बिछाने के लिए किया जा सकता था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी सेना की कमान United States Central Command (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 10 मार्च को अमेरिकी बलों ने ईरान की कई नौसैनिक नौकाओं पर हमला किया। इन नौकाओं में 16 ऐसी नावें शामिल थीं जिन्हें समुद्र में माइन बिछाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। कमांड की ओर से इस सैन्य कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें समुद्र में किए गए हमलों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो अमेरिका की सैन्य प्रतिक्रिया बेहद कठोर हो सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान संभावित रूप से लगाए गए विस्फोटकों को हटा देता है तो यह क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें तैनात करने की तैयारी कर रहा है। कुछ अधिकारियों का यह भी मानना है कि संभव है कि सीमित संख्या में माइन पहले ही समुद्र में डाली जा चुकी हों, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
दरअसल Strait of Hormuz ईरान और Oman के बीच स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हर दिन इसी रास्ते से गुजरता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बाद से सुरक्षा विशेषज्ञों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बताया है। ईरान की नौसेना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।
