तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। सरकारी मीडिया के अनुसार पहले उनका सुपुर्द-ए-खाक बुधवार रात तेहरान के Imam Khomeini Prayer Hall में किया जाना था, लेकिन अचानक इसे टाल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि नागरिकों के लिए तीन दिन का सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम यात्रा की नई तारीख घोषित की जाएगी।
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
इस बीच ईरान की Supreme National Security Council के सचिव Ali Larijani ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिका को एक अन्यायपूर्ण युद्ध में धकेल दिया है।
लारिजानी के अनुसार इस युद्ध में अब तक 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और खामेनेई की मौत का बदला जरूर लिया जाएगा।
रूस ने अमेरिका और इस्राइल को ठहराया जिम्मेदार
रूस ने मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के लिए सीधे अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। Ministry of Foreign Affairs of Russia की प्रवक्ता Maria Zakharova ने कहा कि दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में संघर्ष फैल गया है।
रूस ने International Atomic Energy Agency (आईएईए) से भी मांग की है कि ईरान पर हुए हमलों के बाद संभावित रेडिएशन खतरे की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने लगा है। रिपोर्टों के अनुसार Qatar ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का उत्पादन रोक दिया है, जबकि Saudi Arabia की एक बड़ी तेल रिफाइनरी भी बंद हो गई है।
यूरोप के कई देशों ने आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और कहा कि फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर नहीं पड़ा है, लेकिन लंबे समय में तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी संभव है।
भारत ने खारिज की अफवाहें
इधर Ministry of External Affairs ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी नौसेना ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि ये दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं और लोगों को ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए।
बढ़ती जा रही है मौतों की संख्या
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पिछले पांच दिनों में ईरान में मरने वालों की संख्या 1000 से अधिक हो गई है। इस बीच कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और Cyprus समेत कई क्षेत्रों में सैन्य जहाज और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते इस तनाव के कारण वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
