तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने वैश्विक समुद्री व्यापार पर असर डालने वाला बड़ा कदम उठाया है। ईरानी संसद की सुरक्षा समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन से जुड़ी एक अहम योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से अब टैक्स (टोल) वसूला जाएगा।
ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, इस योजना में जलडमरूमध्य की सुरक्षा, जहाजों की निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय लेन-देन के स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। खास बात यह है कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को टैक्स का भुगतान ईरान की मुद्रा रियाल में करना होगा।
इस फैसले का सबसे सख्त पहलू यह है कि अमेरिका और इस्राइल के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, उन देशों के जहाजों को भी यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो ईरान के खिलाफ एकतरफा प्रतिबंधों का समर्थन करते हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण और मजबूत होगा।
बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने में ओमान की मदद ली जाएगी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में ईरान का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।
इस बीच, अमेरिका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका इस जलमार्ग पर फिर से अपनी पकड़ मजबूत करेगा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करेगा।
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे बिजली घरों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप पर सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
