तेहरान। मध्य-पूर्व में हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी हवाई हमले की आशंका को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को तेहरान स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर में स्थानांतरित कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद ईरानी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने सुप्रीम लीडर को संभावित अमेरिकी एयरस्ट्राइक को लेकर आगाह किया था।
Tehran Under High Tension: Iran’s Supreme Leader Ayatollah Khamenei Moves to Secure Underground Bunker: सूत्रों के मुताबिक, यह बंकर आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस है और इसे कई गुप्त सुरंगों से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में खामेनेई को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सत्ता संतुलन में बदलाव, बेटे मसूद खामेनेई को मिली अहम जिम्मेदारी
खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के साथ ही ईरान की सत्ता संरचना में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम लीडर ने देश के रोजमर्रा के प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी अपने सबसे छोटे बेटे 53 वर्षीय मसूद खामेनेई को सौंपी है।
मसूद फिलहाल सरकार, सैन्य नेतृत्व और अन्य प्रमुख सत्ता केंद्रों के बीच मुख्य समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें अस्थायी तौर पर अहम फैसलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान किसी भी संभावित युद्ध स्थिति के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर रहा है।
ट्रंप का बड़ा कदम, फारस की खाड़ी की ओर बढ़ा अमेरिकी जंगी बेड़ा
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज कर दी है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के एक बड़े जंगी बेड़े को मिडिल ईस्ट की ओर रवाना करने का आदेश दिया है।
‘यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’, जिसमें तीन अत्याधुनिक और घातक युद्धपोत शामिल हैं, हिंद महासागर से निकलकर तेजी से फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने इस तैनाती को ईरान के लिए एक कड़ा और स्पष्ट संदेश बताया है।
ईरान की दो टूक चेतावनी: हमले की स्थिति में होगा ‘जिहाद’
अमेरिकी दबाव और सैन्य तैनाती के बावजूद ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजराइल ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई पर हमला किया, तो इसे ईरान के खिलाफ खुली जंग माना जाएगा।
वहीं, ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने और भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि खामेनेई पर किसी भी तरह के हमले की स्थिति में तुरंत ‘जिहाद’ का ऐलान कर दिया जाएगा।
एक हफ्ते से सार्वजनिक मंच से गायब खामेनेई, अटकलें तेज
गौरतलब है कि आमतौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले अयातुल्ला खामेनेई 17 जनवरी के बाद से किसी भी सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी कोई पोस्ट नहीं किया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस तारीख से बंकर में हैं, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों को और तेज कर दिया है। इससे पहले जून में इजराइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के दौरान भी खामेनेई अंडरग्राउंड हो गए थे और संभावित उत्तराधिकारियों की सूची तैयार करवाई थी।
