वाशिंगटन। अमेरिका में सांसदों और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आम दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और आवश्यक रासायनिक तत्वों के लिए चीन पर बढ़ती निर्भरता भविष्य में गंभीर खतरा बन सकती है। अमेरिकी सीनेट में हुई चर्चा में इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संभावित संकट बताया गया।
बुधवार को अमेरिकी सीनेट की एजिंग स्पेशल कमेटी की बैठक में कई सांसदों और फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया कि पिछले कई दशकों में दवा निर्माण का बड़ा हिस्सा विदेशों में स्थानांतरित होने से अमेरिका की सप्लाई चेन कमजोर हो गई है और वह जरूरी दवाओं के लिए विदेशी देशों पर निर्भर हो गया है।
कमेटी के चेयरमैन Rick Scott ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह समस्या सिर्फ कुछ दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक दवाओं तक पहुंच से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एंटीबायोटिक्स, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी जरूरी दवाओं के लिए उन तत्वों पर निर्भर है, जो मुख्य रूप से अमेरिका के बाहर तैयार किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति दशकों से बनी नीतियों का परिणाम है, जिनमें सस्ती उत्पादन लागत को सुरक्षा और भरोसे से ज्यादा प्राथमिकता दी गई। उनके अनुसार इसी वजह से China को वैश्विक फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण मिल गया।
बैठक में कमेटी की रैंकिंग मेंबर Kirsten Gillibrand ने कहा कि अमेरिका जेनेरिक दवाओं, एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) और शुरुआती कच्चे माल के उत्पादन के लिए China और India पर काफी हद तक निर्भर हो चुका है। उन्होंने कहा कि चीन के प्रभुत्व के पीछे सरकारी सब्सिडी, सस्ती श्रम लागत और अपेक्षाकृत कमजोर पर्यावरणीय नियम भी एक बड़ा कारण हैं।
गिलिब्रैंड ने यह भी कहा कि मौजूदा बाजार व्यवस्था में निर्माता कंपनियों को गुणवत्ता से ज्यादा कम कीमत पर उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिकी कांग्रेस को Food and Drug Administration (एफडीए) को अधिक अधिकार देने चाहिए, ताकि विदेशी दवा निर्माता अमेरिकी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें।
बैठक में पूर्व अमेरिकी कांग्रेसी Ted Yoho ने कहा कि चीन ने अमेरिकी सिस्टम की खामियों और कंपनियों के विदेशों में उत्पादन स्थानांतरित करने के फैसलों का फायदा उठाया है। उनके अनुसार चीन आज वैश्विक बाजार में दवाओं की कीमत और सप्लाई चेन को प्रभावित करने की स्थिति में पहुंच गया है, जो अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जोखिम पैदा करता है।
इस दौरान कुछ आयातित दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। पुस्तक China Rx की लेखिका Rosemary Gibson ने बताया कि अमेरिकी सैन्य परीक्षण कार्यक्रम में कुछ जेनेरिक दवाओं में गंभीर गुणवत्ता संबंधी समस्याएं सामने आई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दवाओं के कच्चे माल और उत्पादन के लिए अमेरिका की विदेशी निर्भरता कम नहीं की गई, तो भविष्य में स्वास्थ्य आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है।
