काशीपुर: राज्य कर आयुक्त के निर्देशन में अपर आयुक्त एवं संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा./प्र.) के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान इकाई रुद्रपुर द्वारा बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। वित्तीय वर्ष के लक्ष्य की प्राप्ति और कर अपवंचन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महुआखेड़ागंज काशीपुर स्थित लेड इंगट बनाने वाली चार निर्माता फर्मों पर संयुक्त रूप से जांच, सर्वेक्षण और अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत चार जांच दलों का गठन किया गया, जिन्होंने 31 मार्च की देर रात से 1 अप्रैल की मध्य रात्रि तक लगातार छापेमारी की। सर्वे से पहले इकाई द्वारा संबंधित फर्मों की व्यापारिक गतिविधियों और कार्यप्रणाली की गहन निगरानी की गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित फर्मों ने वर्ष 2023-24 से लेकर फरवरी 2026 तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की संदिग्ध फर्मों एवं आपूर्ति श्रृंखला से खरीद दर्शाकर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से अपनी कर देनदारी का भुगतान किया। अधिकारियों ने फर्म संचालकों से पूछताछ कर डिजिटल रिकॉर्ड्स को भी आगे की जांच के लिए कब्जे में लिया है।
जांच के दौरान करीब 12 से 15 करोड़ रुपये के कपटपूर्ण ITC के उपयोग के संकेत मिले हैं। वहीं कार्रवाई के दौरान दो इकाइयों में बैटरी स्क्रैप और बैटरी चूरा से भरे दो वाहनों को माल उतारने से पहले ही कब्जे में लेकर सचल दल को सौंप दिया गया।
छापेमारी की कार्रवाई देर रात करीब 2 बजे तक चली। जांच के दौरान फर्म संचालकों ने 1,05,96,265 रुपये की धनराशि DRC-03 के माध्यम से जमा कराई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और कर अपवंचन में संलिप्त अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
